MSME भारत सरकार की लघु ,कुटीर एवं मध्यम उपक्रम ,भारत सरकार की मंत्रालय है।

MSME कारोबारियों को केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कई तरह के प्रोत्साहन दिया जाता रहा है। सूक्ष्म ,लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र का देश के विकाश में बहुत बड़ा योगदान है। लघु उद्योग को देखते हुए सरकार ने सरकारी बैंको के साथ ही साथ प्राइवेट क्षेत्र की नॉन बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनीयो भी कम दर पर लोन से प्रदान कर रही है।

अभी हाल में ही हुये कोविद १९ के त्रासदी कारण हुए नुकसान के बहुत सरे लघु ,सूक्ष्म उद्योग एक दम तबाह होने के कगार पर है। ऐसे कठिन समय में भारत सरकार के द्वारा उठा गए कदम एक अहम् भूमिका निभाएगी। हालकि मोदी सरकार ने एक बहुत ही साहसी कदम उठा है।

अभी कुछ दिन पहले ही मोदी सरकार ने MSME मंत्रालय को २० लाख करोड़ की आर्थिक मदद की घोषणा की है। जिस की लघु ,मध्यम , कुटीर उद्योग को फिर से नया तरह से बिकसित किया जा सके।

इस पैकेज में लघु ,माध्यम उद्योग जिसकी सालाना टर्न ओवर १०० करोड़ से कम है। उस कमपनी को सस्ते ब्याज दर पर कर्ज दिया जायेगा। जिस से की ये उद्योग जो की LOCKDOWN होने की वजह से एकदम से तबाह हो गयी थी। उस से थोड़ा सा राहत जरूर मिलेगा।

साथ ही हमारे माननीय प्रधान मंत्री जी की देश वासिओं से आग्रह किया आप लोग लोकल पर वोकल बनिए। उन्होंने आत्म निर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा की हमें अपने लोकल सामग्री पर ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिये। इस से हमारा देश इस संकट से उभरने में काफी मदद मिलेगी।

लघु एवं माध्यम उद्योग हमरे देश की रीढ़ है। इस से हमें ही बचाना है। ताकि हम २०वी सदी के भारत को विकसित आत्म निर्भर बन सके। इस में आप लोग का सहयोग करना बहुत जरूरी है. अवि देश कोविद १९ जैसी महामारी की मार झेल रहा है। हमें ये जंग भी जीतेंगे।

उन्होंने बहुत सारा लघु एवं माध्यम उद्योग से बने प्रोडक्ट के बारे में भी बताया जैसे की बनारस की बने वाली कालीन की चर्चा की जो अगर सही से उसको को बढ़ावा मिला तो ये विश्व भर अलग पहचान बना सकता है।

MSME KA FULL FORM KYA HOTA HAI ?

MSME का फुल फॉर्म होता है Ministry of Micro,Small and Medium Enterprises.

इस की स्थापना वर्ष २००६ में बने MSME अधिनियम के अनुसार हुई थी। इसको तीन वर्गों में विभजित किया गया था।

सूक्ष्म उद्योग : इस में उन उद्योग को रखा गया। जिन उद्योग में २५ लाख तक की मशीनरी लगी होती है। यही परिभाषा मनुफैचरिंग उद्योग के लिए भी लागु हुई।

मध्यम उद्योग : इस में उन उद्योग को रखा गया। जिनमें ५ करोड़ से १० करोड़ के बिच की मशीनरी और जरूरी चीजों पर खर्च की जाती हो।

लघु उद्योग : इस में उन उद्योग को रखा गया। जिनमे कोई भी मशीनरी का इस्तेमाल न होता हो। बल्कि इस में सारा कार्य मजदूरो के द्वारा की गयी हो।

MSME ME REGISTRATION KAISE KARE ?

MSME में रजिस्ट्रेशन करने की लिए आपको MSME की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होता है। वेबसाइट पार जाने बाद आप अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते है। आप का कारोबार किस श्रेणी में आता है ये आप को चुनकर जरूरी जानकारी को भरना होता है। उस के बाद आप को सारे जरूरी कागजात को एक PDF फाइल में बना के अपलोड करना होता है। उस के बाद संबित करना होता है.

दूसरे विधि ये भी है MSME में रजिस्ट्रेशन करने का की आप एक किसी रजिस्टर्ड चार्टर्ड अकॉउनटैंट (सीए ) या रेजिस्ट्रेड वकील द्वारा भी पजीकृत कर सकते है।

आइये जानते है MSME रजिस्ट्रेशन के लीये कोन अप्लाई कर सकता है?

MSME को मिलने वाला लाभ बैंक से बांड फ्री लोन देने की सुविधा LICSENSE रजिस्ट्रेशन पर छूट की सुविधा ओवरड्राफ्ट पर ब्याज दर में रहत मिलाना पेमेंट प्रोटेक्शन टेक्नोलॉजी और गुणबत्ता में बढ़ोतरी प्रोडक्ट की मार्केटिंग में सरकारी सुविधा मिलना। इस योजाना में नए और पुराने उद्योगों को भी जल्द MSME बिजनेशन बिजनेश लोन मिलता है।

MSME ME LOAN KAISE MILTA HAI ?

MSME में लोन लेने की किये सबसे पहले इस में रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है। उस से बबाद ही आप को लोन मिलेगी। इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने से लोन में ५०% की छूट मिलती है।

इस के तहत सरकार बिना किसी डॉक्यूमेंट के तहत आसानी से लोन मिलती है। बहुत ही किफ़यातील दरों पर लोन मिलती है।

Join the Conversation

1 Comment

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *